गणेश मन्त्र

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भगवान गणेश देवों में प्रथम पूजनीय हैं . गणेश मन्त्र को हम अगर जपें , सुनें या लिखें , ये हमारे लिए हमेशा से फायदेमंद होता हैं पर हम अगर विधिपूर्वक गणेश जी की आराधना करें तो गणेश जी की कृपा हम पर और अधिक हो जाएगी तथा हमारे सभी मनोकामनाएं जल्दी ही पूरी हो जायेंगी. हम अगर प्रार्थना करने के तरीके में थोड़ा बदलाव करें तो इस मन्त्र का प्रभाव और अधिक बढ जायेगा.

 

ॐ गं गणपतये नमः

मन्त्र जप कैसे करें –

  • इस मन्त्र का जप हमें एकांत स्थान पर करना चाहिए और मन्त्र जप के समय बंद होनी चाहिए .
  • मन्त्र जप शुरू करने से पहले हमें लंबी सांस अंदर लेनी चाहिए और बाहर छोड़नी चाहिए इस तरह सांस लेने से हम सजग हो जाते हैं और हमारा ध्यान भी एकाग्र होता है.
  • अब गणेश मन्त्र का जप कम से कम ११ बार करें.
  • गणेश मन्त्र का जप आप  11, 21,51,71,91,108  बार कर सकते हैं.
  • आप गिनती के लिए जप माला का प्रयोग भी कर सकते हैं. इस से आपका ध्यान गिनती की बजाय मन्त्र जप की ओर केंद्रित होगा.
  • मंत्र जप जब हो जाये तो कुछ देर आँख बंद कर अपनी जगह पर ही बैठे रहें और अपने शरीर और मन में होते बदलाव को महसूस करें.
  • आप एकांत हो कर बैठे रहे और शान्ति तथा विश्राम का आनंद ले जो आपने प्रार्थना से प्राप्त किया है.
  • प्रार्थना करने के बाद एकदम से नहीं उठना चाहिए .

मन्त्र जप से आपको बहुत लाभ मिलेगा और गणेश जी का आपको आशीर्वाद मिलेगा.

मन्त्र जप कैसे न करें –

  • मन्त्र का जप आराम से करें और कोई जल्दी न करें . यदि समय कम है तो अपनी सुविधा के अनुसार मन्त्र जप कर सकते हैं.
  • इस मन्त्र का जप कभी भी खाना खाते समय न करें.
  • मंत्र जप एकांत स्थान पर करें ताकि कोई रुकावट न हो .
  • मन्त्र जप पूरे विश्वास के साथ करें और गणेश भगवान् का ध्यान करें . आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी . धन्यवाद

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