अष्टविनायक – गणेश जी के आठ अवतार जिनके दर्शन मात्र से होती हैं सभी मनोकामनाएं पूरी

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 जय श्री गणेश

हैलो दोस्तों , सितम्बर का महीना बहुत ही ख़ास है क्योंकि इस महीने गणेश जी का त्यौहार गणेश चतुर्थी है . जो भी भक्त सच्चे दिल से भगवान गणेश जी की उपासना करेगा , उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी . क्या आप जानते हैं की भगवान गणेश जी को अष्टविनायक भी कहते हैं . उनके आठ अवतार हैं जिनके ध्यान और दर्शन मात्र करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी और सभी बाधाएं दूर होंगी  . 

1. मयूरेश्वर – मयूरेश्वर पहले विनायक हैं . पुणे से ८० किलोमीटर की दूरी पर मोरे गांव में भगवान गणेश जी का मंदिर है . इनको मयूरेश्वर के नाम से जाना जाता है.

2. सिद्धिविनायक – सिद्धिविनायक पुणे से २०० किलोमीटर की दूरी पर भीम नदी के तट पर स्थित है . ये सभी भक्तों की रिद्धि-सिद्धि पूरी करने वाले विनायक हैं.

3. बल्लालेश्वर – ये मंदिर पुणे के पाली में स्थित है. इनका नाम बल्लालेश्वर इसलिए पड़ा क्योंकि ये भक्त बल्लाल की भक्ति से प्रकट हुए थे.

4. वरदविनायक – ये मंदिर रायगढ़ ( महाराष्ट्र ) के महाड़ गांव में स्थित है . ये अपने भक्तों को वरदान देने वाले विनायक हैं. इस मंदिर में एक दीपक है जो वर्षों से जलता आ रहा है . इसे नंददीप कहा जाता है.

5. चिंतामणि गणेश – इस मंदिर को चिंतामणि गणेश इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ चिंता में डूबे ब्रह्मा जी ने गणेश जी की आराधना की थी. एक अन्य कथा के अनुसार मुनि कपिल ने गणेश जी की चोरी  हुई कीमती  मणि को वापस लाकर उनके गले में डाला था इसलिए इनको चिंतामणि गणेश के नाम से जाना जाता है . भक्तों का मानना है की इस मंदिर में गणेश जी के दर्शन मात्र से सभी चिंताओं से मुक्ति मिल जाती है.

6. पार्वती-पुत्र गणेश – ये मंदिर पुणे से ९० किलोमीटर की दूरी पर पुणे-नासिक राजमार्ग पर एक गुफा में स्थित है . इस मंदिर में गणेश जी की आराधना पारवती के पुत्र के रूप में होती है.

 7. विघ्नेश्वर गणपति – ये मंदिर महाराष्ट्र के ओझर जिले में स्थित है. इस मंदिर का नाम विघ्नेश्वर गणपति इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ गणेश जी ने विघ्नासुर नामक असुर का अंत किया था . भक्तों का कहना है की विघ्नेश्वर गणपति के दर्शन मात्र से जीवन की सभी विघ्न-बाधाओं का अंत हो जाता है.

8. महागणपति- ये मंदिर महाराष्ट्र के राजनांदगांव में स्थित है .यहाँ भगवान शिव जी ने त्रिपुरासुर नामक असुर का वध करने से पहले गणेश जी की आराधना की थी . इसलिए इसे महागणपति कहा जाता है.

ये थे भगवान गणेश के आठ अवतार अष्टविनायक कहा जाता है .

अगर आप यहाँ जा नहीं सकते तो आप इनका स्मरण अपने दिल में भी कर सकते हैं . गणेश भगवान आपकी प्रार्थना अवश्य सुनेंगे और उसे पूरा भी करेंगे.

गणपति बाप्पा मोरेया 

धन्यवाद

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